इटावा में यमुना संरक्षण हेतु जागरूकता कार्यक्रम:लोगों ने नदी किनारे प्राकृतिक जैव विविधता और वनस्पतियों का अवलोकन किया

Sep 27, 2026 - 16:25
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इटावा में यमुना संरक्षण हेतु जागरूकता कार्यक्रम:लोगों ने नदी किनारे प्राकृतिक जैव विविधता और वनस्पतियों का अवलोकन किया
इटावा में विश्व नदी दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित संस्था ‘सोसायटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर’ (स्कॉन) द्वारा यमुना नदी के पावन हनुमान घाट एवं ऐतिहासिक सुमेर सिंह किला परिसर में 'नेचर वॉक' और 'नदी संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम' का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान घाट से 'नेचर वॉक' के साथ हुई, जिसमें उपस्थित लोगों ने यमुना नदी के किनारे की प्राकृतिक जैव विविधता और वनस्पतियों का बारीकी से अवलोकन किया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने नदियों के संरक्षण पर अपने विचार साझा किए। डॉ डीके दुबे, अस्थि रोग विशेषज्ञ ने यमुना नदी के ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं हैं, बल्कि ये हमारी सभ्यता और संस्कृति की जननी हैं। यमुना के अस्तित्व को बचाना हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। डॉ. बी.एन. सिंह, बायोलॉजिस्ट, ने मानवीय हस्तक्षेप से नदियों पर बढ़ रहे दबाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "प्लास्टिक कचरा, अनुपचारित केमिकल और घरेलू गंदगी सीधे नदियों में प्रवाहित होने से इनका पारिस्थितिक तंत्र पूरी तरह नष्ट हो रहा है।" डॉ. राजीव चौहान, महासचिव, स्कॉन ने आध्यात्मिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा, "सनातन संस्कृति में नदियों को माँ का दर्जा दिया गया है। हमें केवल धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि कर्म से भी यमुना मैया की सेवा करनी होगी।" डॉ. अत्री गुप्ता ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, "आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना बेहद जरूरी है। छात्र और युवा वर्ग इस तरह के अभियानों से जुड़कर समाज में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।" जागरूकता अभियान के अगले चरण में सुमेर सिंह किले परिसर में एक खुली चर्चा का आयोजन किया गया, जहाँ वक्ताओं ने नदियों में किसी भी प्रकार की पूजा-सामग्री या कचरा न फेंकने की अपील की। डॉ. कमल कुशवाहा ने भी अपने विचार सहभागियों के बीच रखें। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यमुना तट को स्वच्छ व सुंदर बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर संस्था के सदस्य अनुपम, अरुण, अर्जुन, मुकेश, नागेंद्र, पर्यावरण प्रेमी और बच्चे मौजूद रहे।

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