संभल में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई:श्राद्ध पक्ष की पूर्णिमा पर पितरों का तर्पण किया, पुलिस-प्रशासन अलर्ट दिखा
संभल की गंगा में भाद्रपद मास (भादो) के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है। रात से हो रही बारिश के कारण शुक्रवार की सुबह 5:30 बजे से श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू कर दिया था, जिले के अलावा अन्य जनपदों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। संभल की तहसील गुन्नौर के राजघाट गंगा, सिसौना डांडा, श्रीविष्णु देव, हरिबाबा बांध के अलावा अस्थाई असदपुर, सांकराघाट पर जिला के अलावा बुलंदशहर, बदायूं, अलीगढ़, बरेली, रामपुर से आई श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रीविष्णु देव घाट पर जलस्तर पिछले तीन महीने के मुकाबले कम हुआ है, यह स्थिति अन्य घाटों पर भी देखने को मिली और श्रद्धालुओं ने बेरिकेट के अंदर रहकर ही स्नान किया है। श्रीविष्णुदेव एवं सिसौना घाट थाना रजपुरा एवं राजघाट थाना बबराला के अंतर्गत आता है। गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने पितरों का तर्पण किया।
थाना जुनावई प्रभारी धीरज सिंह, गुन्नौर थाना प्रभारी संजय कुमार, बबराला थाना प्रभारी लवनीश चौधरी, रजपुरा थाना प्रभारी संदीप चौधरी पुलिस फोर्स के साथ गंगा घाटों पर अलर्ट रहें। वहीं एसडीएम अवधेश कुमार, सीओ अंकित मिश्रा एवं तहसीलदार रवि सोनकर ने गंगा घाटों का निरीक्षण किया।
इस पूर्णिमा (पूर्णिमा श्राद्ध) के साथ ही पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) का आरंभ हो जाता है, जिसमें पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है और वृद्धि योग का संयोग होने के कारण घर में बरकत और सकारात्मकता बढ़ती है। सत्यनारायण का व्रत और कथा करने से घर में सुख समृद्धि और शांति आती है। घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करने तथा जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र व धन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। श्राद्धों वाली पूर्णिमा है और सुबह से श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। उनके अनुसार 11 बजे तक 15,000 और शाम 50,000 श्रद्धालु स्थान करेंगे, जबकि पूरे जिले के अन्य घाटों पर लाखों श्रद्धालु स्नान करेंगे। नीरज शर्मा ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करने के लिए गंगा घाट पर आए हैं।
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