सुल्तानपुर में बारिश थमी, बिजली आपूर्ति प्रभावित:बच्चे मोबाइल की रोशनी में पढ़ने को मजबूर, फसलें भी गिरीं
सुल्तानपुर में रविवार को बारिश थम गई, लेकिन इसका असर जनजीवन पर बना रहा। शाम 3 बजे तक करौंदीकला, मोतिगरपुर, धनपतगंज और दुबेपुर समेत कई ब्लॉकों में दूसरे दिन भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे गिरने से समस्या और बढ़ गई। बिजली नहीं होने से बच्चे मोबाइल की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं, तेज हवा और बारिश से कई इलाकों में किसानों की फसलें भी गिर गईं। धनपतगंज में 36 घंटे से बिजली गुल धनपतगंज क्षेत्र में करीब 36 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। कई जगह ट्रांसफार्मर और खंभे गिरने से आपूर्ति बाधित हुई है। करौंदीकला और सूरापुर उपकेंद्रों से जुड़े पूरे ब्लॉक में अंधेरा छाया रहा। भदैया के असरोगा उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में भी करीब 36 घंटे बाद बिजली नहीं आई। लंभुआ ग्रामीण क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बिजली संकट से बड़ी आबादी प्रभावित है। तेज हवा से खेतों में गिरी फसल बारिश और तेज हवा का असर खेतों में भी देखने को मिला। लंभुआ के गोपालपुर मधैया गांव में अनिल वर्मा की दो बीघा भुट्टे की फसल गिर गई। पैगूपुर में रामसिंह की पांच बीघा गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के मीरपुर सरैया गांव में भी कई किसानों की गन्ने की फसल गिर गई। इनमें उमाशंकर पाल की 3.5 बीघा, शिव कैलाश की 5 बीघा, धर्मराज वर्मा की 3 बीघा, राम कैलाश वर्मा की 4 बीघा, राम नायक वर्मा की 1.5 बीघा और सालिक पाल की एक बीघा फसल शामिल है। रामपुर गांव में मनोज प्रजापति की धान की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। धनपतगंज में बढ़ा गोमती का जलस्तर धनपतगंज क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। बारिश और बिजली संकट का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में सामान्य दिनों की अपेक्षा लोगों की भीड़ नहीं पहुंची। वहीं, सीएचसी में जनरेटर की व्यवस्था नहीं होने के कारण बिजली गुल रहने पर परिसर में अंधेरा पसरा रहा।
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