49 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची खतरे के निशान से घाघरा नदी:तटीय इलाकों के कई गांव में मंडराया बाढ़ का खतरा, 18 घंटे कार्य करके बचाया गया तटबंध
गोंडा जिले में घाघरा नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। सोमवार सुबह 9:30 बजे घाघरा नदी खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तरबगंज तहसील क्षेत्र के ऐली परसौली, परास पट्टी पुरवा और जबरनगर समेत कई गांव बाढ़ से आंशिक रूप से प्रभावित हो गए हैं। गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहे पानी के कारण देर शाम तक स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। घाघरा नदी में सोमवार को गिरजा बैराज से 2,61,487 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,68,408 क्यूसेक, सरयू बैराज से 16,419 क्यूसेक और सुहेली बैराज से 15,233 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस तरह कुल 4,61,547 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। बीते 24 घंटे में घाघरा नदी में कुल 17 लाख 18 हजार 143 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है।
गांवों में तेजी से बढ़ रहा पानी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रही हैं। तरबगंज क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक, पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। नदी का जलस्तर और बढ़ने पर इन गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो सकती है। 18 घंटे की मशक्कत से बचाया तटबंध सोनौली मोहम्मदपुर के गोकुल पाही के पास घाघरा नदी तटबंध में तेजी से कटान कर रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही बाढ़ खंड विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर काम शुरू किया। करीब 18 घंटे तक लगातार काम कर किसी तरह तटबंध को बचाया गया। यहां अभी भी बाढ़ खंड विभाग की टीम काम कर रही है और तटबंध की निगरानी की जा रही है। वहीं, नवाबगंज क्षेत्र के कई गांवों में भी घाघरा नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा है। नदी किसानों की जमीन और फसलों को काटकर अपने आगोश में ले रही है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और फसल के साथ जमीन के कटान का भी खतरा बना हुआ है। 24 घंटे अलर्ट मोड पर बाढ़ विभाग गोंडा बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि गोकुल पाही के पास नदी तटबंध में कटान कर रही थी, जिसे समय रहते ठीक कर लिया गया है। वहां अभी भी काम चल रहा है। कई गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं और नदी का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि नदी में काफी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, इसलिए जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। बाढ़ विभाग की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। तटबंधों की सुरक्षा के लिए लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। गांवों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग पूरी तरह सतर्क है।
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