अलीगढ़ में रामलीला मंचन की तैयारियां शुरू, सजने लगे मंच-पंडाल:3 अक्टूबर से शुरू होगा मंचन, बरौला में स्थानीय कलाकार निभाएंगे पात्र, नगला तकोना-अचलताल में बाहर से आएगी मंडली
रामलीला, दशहरा और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। तीन अक्टूबर से अचलताल स्थित रामलीला मैदान में मुख्य रामलीला मंचन शुरू होगा। आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से कराने के लिए नगर निगम ने शहर को चार सेक्टरों में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर रूट प्लान तैयार किया जा रहा है। नगर निगम ने आयोजन स्थलों पर सफाई, प्रकाश, पेयजल, कूड़ा उठान और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
अचलताल रामलीला मैदान में मंच और पंडाल तैयार करने का काम शुरू हो चुका है। मंच की सजावट के साथ श्रद्धालुओं के बैठने और आयोजन से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों में प्रमुख तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। तीन अक्टूबर को रामलीला के उद्घाटन के साथ यहां नियमित मंचन शुरू हो जाएगा। आयोजन दशहरा तक चलेगा।
बरौला में स्थानीय कलाकार ही निभाएंगे पात्र
शहर के बरौला क्षेत्र में होने वाली रामलीला की खासियत इस बार भी स्थानीय भागीदारी रहेगी। यहां रामलीला मंचन के लिए बाहर से कोई मंडली नहीं बुलाई जाती। क्षेत्र के लोग ही पात्रों का चयन करते हैं और स्थानीय कलाकारों को अलग-अलग भूमिकाएं दी जाती हैं। कलाकार स्वयं रिहर्सल कर मंचन की तैयारी करते हैं। आयोजन से जुड़े लोग बताते हैं कि बरौला की रामलीला में स्थानीय लोगों की भागीदारी ही इसकी पहचान है।
वहीं नगला तकोना में होने वाली रामलीला के लिए बाहर से मंडली बुलाई जा रही है। अचलताल स्थित मुख्य रामलीला मैदान में भी बाहरी मंडली के कलाकार मंचन करेंगे। इस तरह शहर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले आयोजनों की अपनी अलग तैयारियां और परंपराएं हैं।
चार सेक्टर में बांटा शहर, अफसरों को जिम्मेदारी
नगर निगम ने रामलीला और दशहरा आयोजनों को ध्यान में रखते हुए शहर को चार सेक्टर में बांटा है। सेक्टर एक में सिविल लाइंस और क्वार्सी थाना क्षेत्र की प्रभारी सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव रहेंगी। सेक्टर दो में क्वार्सी और मऊआखेड़ा क्षेत्र के प्रभारी जोनल अधिकारी मयंक चौधरी को जिम्मेदारी दी गई है। सेक्टर तीन में सासनी गेट और कोतवाली क्षेत्र की व्यवस्था निर्धारित अधिकारी आशीष कुमार सेट देखेंगे। सेक्टर चार में देहली गेट और रोरावर थाना क्षेत्र की जिम्मेदारी सहायक नगर आयुक्त परितोष मिश्रा को सौंपी गई है।
नगर निगम के स्तर से रामलीला और रावण दहन स्थलों पर नियमित सफाई, कूड़ा उठान, चूना छिड़काव, एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन मार्गों और स्थलों पर पेयजल के लिए पानी के टैंकर खड़े किए जाएंगे। रास्तों, पंडालों और मेला क्षेत्रों के आसपास बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को भी दुरुस्त कराया जाएगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के मुताबिक 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम के माध्यम से व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी।
अलग-अलग दिन निकलेंगे धार्मिक जुलूस
आयोजन के दौरान शहर में कई प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम भी होंगे। आठ अक्टूबर को रामबारात टीकाराम मंदिर से अतरौली अड्डा, देवत्रय हॉस्पिटल, विष्णुपुरी बजरिया, सुदामापुरी और हर्जी अड्डा पुल होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगी। 10 अक्टूबर को सरयू पार लीला अचल सरोवर में होगी।
13 अक्टूबर को काली मेला रामलीला मैदान से शुरू होकर गली मंदिर, आर्य समाज मंदिर, आगरा रोड, जिंदल रोड, मीरीमल चौराहा, मालगोदाम और अप्सरा टॉकीज के सामने से जीटी रोड होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। 15 अक्टूबर को हनुमान जी की सवारी महावीर गंज स्थित श्री हनुमान जी मंदिर से शुरू होकर बारहद्वारी, पत्थर बाजार, मीरीमल की प्याऊ, मामूभांजा रोड, बस स्टैंड और जीटी रोड होते हुए रामलीला भवन तक जाएगी।
20 अक्टूबर को सिंहासन मेला रामलीला भवन से दोपहर एक बजे शुरू होगा। यह समाज रोड, आगरा रोड, जिंदल रोड, मीरीमल चौराहा, पत्थर बाजार, बांस मंडी चौराहा, होली चौक और सिटी कॉलेज के पीछे से होते हुए जीटी रोड स्थित मित्तल गेट से प्रदर्शनी मैदान पहुंचेगा।
इन आयोजनों के चलते नगर निगम और पुलिस दोनों स्तर पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। खासतौर पर मुख्य रामलीला मैदान और जुलूस मार्गों पर सफाई, प्रकाश, पेयजल, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस रहेगा।
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