महोबा में बारिश-आंधी से 87 गांवों की बिजली गुल:8वीं तक के स्कूल बंद, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
महोबा समेत पूरे बुंदेलखंड में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात का असर दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश और आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। जिले के 19 फीडर ठप होने से 87 गांवों में अंधेरा छा गया है। जैतपुर, अजनर और धवर्रा के 33 केवी उपकेंद्रों से जुड़े फीडर बंद हैं। 12 घंटे से अधिक समय से बिजली न होने के कारण लोगों को पेयजल और मोबाइल चार्जिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिजली निगम के अधिकारी फाल्ट तलाशकर आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। 19 फीडर बंद, 87 गांवों में अंधेरा लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर फाल्ट आने से 19 फीडर बंद हैं। इससे 87 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। बिजली कर्मचारी फाल्ट की जानकारी जुटाकर लाइनों को दुरुस्त करने में लगे हैं। कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद बिगड़ते मौसम को देखते हुए डीएम प्रभास कुमार के निर्देश पर जिले में कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में पक्के मकानों के अंदर रहने की अपील की है। आकाशीय बिजली और तेज आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। जलभराव वाले स्थानों पर भी सावधानी बरतने को कहा गया है। सरसों की बुवाई के लिए बारिश फायदेमंद बारिश से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों के लिए इसे राहत के रूप में देखा जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रजनीश मिश्रा ने बताया कि बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी। यह आगामी सरसों की बुवाई के लिए अनुकूल स्थिति बनाएगी। हालांकि, फिलहाल जलभराव और बिजली संकट से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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