शेयर बाजार में भारी गिरावट, खुलते ही 700 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स; निफ्टी भी फिसला
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 700 से अधिक अंक गिरकर 73,172 पर और निफ्टी 219 अंक टूटकर 22,991 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार पूंजीकरण में कुछ ही मिनटों में करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिका-ईरान तनाव को गिरावट की प्रमुख वजहों में बताया गया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 28 सितंबर 2026
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 700 से अधिक अंक टूटकर 73,172 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 219 अंक गिरकर 22,991 के स्तर पर आ गया। इस गिरावट के बीच बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में कुछ ही मिनटों में करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
बाजार खुलते ही सेंसेक्स में बड़ी गिरावट
सोमवार 28 सितंबर को कारोबार की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए कमजोर रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 700 से अधिक अंक लुढ़क गया। सेंसेक्स 73,172 के स्तर तक पहुंच गया, जिससे निवेशकों के बीच बाजार की दिशा को लेकर चिंता बढ़ी।
निफ्टी में भी 219 अंकों की गिरावट
सेंसेक्स के साथ ही राष्ट्रीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी में भी भारी दबाव दिखाई दिया। निफ्टी शुरुआती कारोबार में 219 अंक गिरकर 22,991 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार के कई प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली के कारण शुरुआती कारोबार में दबाव बना रहा।
कुछ ही मिनटों में 4.3 लाख करोड़ रुपये घटा बाजार मूल्य
बाजार में आई तेज गिरावट का सीधा असर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्य पर पड़ा। कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 4,29,881 करोड़ रुपये घट गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यह मूल्य 4,81,88,998.45 करोड़ रुपये से घटकर 4,77,59,117.49 करोड़ रुपये रह गया।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से बाजार पर दबाव
बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के सात-दिवसीय समझौते को मंजूरी नहीं दिए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल करीब 105.64 से 106.20 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में पहुंच गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता
ईरान की ओर से रखे गए प्रस्ताव में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से खोलने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के अनुसार इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने से तेल की आपूर्ति में संभावित बाधा को लेकर चिंता बढ़ी। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिकी ब्याज दरों के दबाव को भी बाजार में गिरावट से जोड़कर देखा गया है।
बैंकिंग और अन्य क्षेत्रों के शेयरों में बिकवाली
शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और भवन-संपत्ति से जुड़े शेयरों में अधिक बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस और भारतीय स्टेट बैंक शामिल रहे। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 16 में से 14 क्षेत्रीय सूचकांक गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
निवेशकों की नजर अब आगे के कारोबार पर
बाजार में शुरुआती तेज गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब आगे के कारोबार पर बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रम बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर निवेशकों की विशेष नजर रहने की संभावना है।
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