14 करोड़ के आवास निर्माण में लापरवाही पर कार्रवाई:प्रभारी एक्सईएन का अतिरिक्त प्रभार खत्म, पहले एई और दो जेई हो चुके निलंबित
अंबेडकरनगर के टांडा कोतवाली परिसर में बन रहे 40 टाइप-बी आवासों के निर्माण में सामने आई खामियों के बाद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्रवाई तेज हो गई है। करीब 14 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे निर्माण कार्य में लापरवाही के मामले में सहायक अभियंता और दो अवर अभियंताओं के निलंबन के बाद अब प्रभारी अधिशासी अभियंता शैलेंद्र चौधरी का अंबेडकरनगर प्रखंड का अतिरिक्त कार्यभार भी खत्म कर दिया गया है। विभाग ने यह कार्रवाई सरकारी हित में की है। निर्माण कार्य का 9 सितंबर को निदेशक आरके वर्मा ने निरीक्षण किया था। इस दौरान निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई गंभीर कमियां सामने आईं। जांच में आरसीसी में इस्तेमाल सीमेंट-कंक्रीट की जांच नहीं कराए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा निर्माण सामग्री के परीक्षण में भी लापरवाही मिली थी। अप्रैल के बाद गुणवत्ता रजिस्टर में एंट्री नहीं निरीक्षण के दौरान विभागीय रिकॉर्ड भी जांचे गए। इसमें गुणवत्ता से संबंधित रजिस्टर में अप्रैल के बाद कोई एंट्री नहीं मिली। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी और विभागीय स्तर पर होने वाली जांच को लेकर सवाल खड़े हुए। कमियां सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की गई। एई और दो जेई के बाद एक्सईएन पर कार्रवाई निर्माण कार्य में लापरवाही के मामले में सहायक अभियंता और दो अवर अभियंताओं को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब प्रभारी अधिशासी अभियंता शैलेंद्र चौधरी का अंबेडकरनगर प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार भी समाप्त कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर इसे निरीक्षण में सामने आई कमियों के बाद की गई कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। 3 जुलाई 2025 से मिला था अतिरिक्त प्रभार ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के उप सचिव फूलचंद यादव ने बताया कि शैलेंद्र चौधरी को 3 जुलाई 2025 से सिद्धार्थनगर के साथ अंबेडकरनगर प्रखंड का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। अब यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सरकारी हित में खत्म कर दी गई है। टांडा कोतवाली परिसर में 40 टाइप-बी आवासों का निर्माण करीब 14 करोड़ रुपए की लागत से कराया जा रहा है।
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