बारिश में लकड़ी भीगने से नहीं जली चिता:दादा-दादी और 10 साल के पोते को नम आंखों से दफनाया, दीवार गिरने से हुई थी मौत
लखीमपुर खीरी के मितौली तहसील के रहमतपुर गांव में बारिश ने एक परिवार की आखिरी विदाई भी मुश्किल कर दी। शुक्रवार रात कच्ची दीवार गिरने से जान गंवाने वाले दंपती और उनके 10 साल के पोते का रविवार को अंतिम संस्कार होना था, लेकिन लगातार बारिश के कारण चिता जलाने के लिए रखी लकड़ियां पूरी तरह भीग चुकी थीं। काफी कोशिश के बाद भी आग नहीं जल सकी। इसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार का तरीका बदलने का फैसला किया। बारिश के बीच 60 वर्षीय मोहन कश्यप, उनकी पत्नी कविता और 10 साल के पोते अनिल को दफनाया गया। गांव में बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे, लेकिन पूरे माहौल में मातम और बेबसी छाई रही। कच्ची दीवार गिरी, मलबे में दबे तीनों रहमतपुर गांव में शुक्रवार रात कच्ची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के समय मोहन कश्यप, उनकी पत्नी कविता और 10 साल का पोता अनिल मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में तीनों की मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम छा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार दोपहर तीनों शव गांव लाए गए। अंतिम विदाई के लिए जुटे ग्रामीण रविवार को तीनों शव गांव पहुंचे तो बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार के घर और अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंच गए। हर कोई परिवार के दुख में शामिल था। परिजन अपनों को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण अंतिम संस्कार की तैयारियों में परेशानी खड़ी हो गई। चिता के लिए जुटाई गई लकड़ियां पानी में भीगकर गीली हो चुकी थीं।
भीगी लकड़ियों से नहीं जल पाई चिता परिजनों ने लकड़ियों से चिता जलाने की कोशिश की, लेकिन पानी से पूरी तरह भीगी होने के कारण आग नहीं पकड़ सकी। काफी प्रयास के बाद भी जब चिता नहीं जल पाई तो परिवार के सामने अंतिम संस्कार का तरीका बदलने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। परिजनों ने तीनों शवों को दफनाने का फैसला किया। इस फैसले के बाद बारिश के बीच ही अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी की गई। मां के साथ दफन हुआ मासूम अनिल 10 साल के अनिल को उसकी मां कविता के साथ दफनाया गया। इसके कुछ दूरी पर मोहन कश्यप को भी मिट्टी दी गई। एक साथ परिवार के तीन सदस्यों की मौत और फिर बारिश के बीच हुई अंतिम विदाई ने गांव के लोगों को भी भावुक कर दिया। बारिश के बीच तीनों शवों को खामोशी से अंतिम विदाई दी गई। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में भी शोक का माहौल है। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें लखीमपुर-खीरी में कच्ची दीवार गिरने से पति-पत्नी, बेटे की मौत:सोते समय अचानक गिरी, चिपके मिले तीनों के शव
लखीमपुर खीरी में शनिवार सुबह करीब साढ़े 3 बजे कच्ची दीवार और छप्पर गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। तेज बारिश के बीच गांव के लोग मलबे से शव निकालने के लिए पहुंचे। लोगों ने मिट्टी में दबे पति-पत्नी और 10 साल के बेटे के शव को खींचकर बाहर निकाला। लोगों ने बताया कि बारिश के कारण जर्जर हुई मकान की कच्ची दीवार और छप्पर अचानक ढह गए। हादसे के समय कमरे में दंपति अपने बच्चे के साथ सो रहे थे। तीनों मलबे में ही दब गए। तेज आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद जब तक तीनों को मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि तीनों की मौत हो गई।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)