बंटी विवाद में भड़कीं महापौर प्रमिला पांडेय:बोलीं-सांसद-विधायक के बेटे साथ काम कर रहे तो मेरे बेटे से सबको आपत्ति क्यों?
जब सांसद के बेटे सब काम कर सकते हैं… सांसद का भाई ऑफिस में बैठ सकता है… विधायकों के भाई भी सब कुछ कर सकते हैं, तो फिर मेयर का बेटा नगर निगम के ऑफिस में क्यों नहीं बैठ सकता है? यह कहना है महपौर प्रमिला पांडेय का। उन्होंने दैनिक भास्कर एप को दिए इंटरव्यू में कई सवाल उठाए... कानपुर नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय और बागी पार्षदों के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को सदन की बैठक के दौरान कौशलपुरी मंडल के महामंत्री मनीष बाजपेई को समिति कक्ष में रोके जाने और पुलिस को सौंपने के आरोपों पर अब महापौर ने खुलकर जवाब दिया है। महापौर ने अपने बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी का बचाव करते हुए बागी पार्षदों पर कई गंभीर आरोप लगाए। महापौर ने कहा कि जब सांसद के बेटे सब काम कर सकते हैं, सांसद का भाई ऑफिस में बैठ सकता है और विधायकों के भाई भी सब कुछ कर सकते हैं, तो फिर महापौर का बेटा नगर निगम के ऑफिस में क्यों नहीं बैठ सकता है। शहर के एक बड़े नेता को दिखा रहे थे सदन की कार्रवाई महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि शनिवार को सदन था, लेकिन यह चार पार्षद पहले से हंगामा करने का मन बनाकर आए थे। यह लोग वीडियो रिकॉर्डिंग करके सदन में क्या हो रहा है यह लोग क्या कर रहे हैं। यह सब लाइव करके शहर के एक बड़े नेता को दिखा रहे थे। महापौर ने कहा कि जब वह एक घंटे पहले ही अपने ऑफिस में थी, तो वहां पर पत्र क्यों नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है, मैं अपने जिले के अध्यक्ष से बात करूंगी। 20 साल से बीजेपी का सक्रिय सदस्य है बेटा- महापौर महापौर ने कहा कि उनका बेटा अमित पांडेय पिछले 20 साल से भारतीय जनता पार्टी का सक्रिय सदस्य है और लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर अमित पांडेय कभी नगर निगम सदन या कार्यकारिणी की बैठक में बैठता हो तो कोई बताकर दिखाए। महापौर ने कहा कि अब वह भी पांचों बागी पार्षदों की शिकायत सबूतों के साथ भाजपा संगठन में करेंगी। 'पार्षदों की मंशा जरूरी फाइलें उठाकर ले जाने की थी' महापौर ने सफाई देते हुए कहा कि अमित पांडेय को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि किसी पार्षद ने मंडल महामंत्री को पत्र देने के लिए भेजा है। उन्होंने कहा कि शनिवार को वह सदन में थीं। ऐसे में अगर किसी पार्षद को पत्र देना था, तो वह उनके कार्यालय में क्यों गया। महापौर ने कहा कि अमित ने केवल इतना पूछा था कि वह वहां क्यों आए हैं, क्योंकि कमरे में नगर निगम की जरूरी फाइलें रखी रहती हैं।
उन्होंने कहा कि बागी पार्षद पहले से योजना बनाकर आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षदों की मंशा जरूरी फाइलें उठाकर ले जाने और बाद में कोई झूठा आरोप लगाने की हो सकती थी।
महापौर ने कहा कि वह इस पूरे मामले को भाजपा संगठन के सामने रखेंगी। पांचों पार्षदों की शिकायत सबूतों के साथ करेंगी। उन्होंने कहा कि पार्षदों को जो भी पत्र देना था, वह सीधे उन्हें दे सकते थे।
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