हसीन जहां बोलीं- शमी अपने फायदे के लिए चुनाव लड़ेंगे:मैं अमरोहा के लोगों की सेवा करूंगी, बेटी पूछती है- सबके डैडी हैं, मेरे क्यों नहीं ?
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद अमरोहा से चुनाव लड़ने की चर्चा है। शमी से अलग रह रहीं उनकी पत्नी हसीन जहां ने उनके सामने चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा- किस पार्टी में जाना है, यह अभी डिसाइड नहीं किया है। हसीन जहां ने कहा कि शमी अपने फायदे के लिए चुनाव लड़ेगा, जबकि मैं जनता के मुद्दे लेकर जाऊंगी। शमी ने मेरी बच्ची का मेंटेनेंस देना भी बंद कर दिया है। वो ऐसा आदमी है, जो किसी का नहीं हो सकता। दैनिक भास्कर ने फोन पर हसीन जहां से बातचीत की…पढ़िए शमी सिर्फ अपना फायदा देखेगा हसीन जहां ने कहा- मोहम्मद शमी जिस सीट से खड़े होंगे, मैं भी उसी सीट से लड़ूंगी। मैं चुनाव लड़ूंगी, तो तो जनसेवा के लिए लड़ूंगी। मैं देखना चाहती हूं कि पब्लिक अपना फायदा देखती है या सेलिब्रिटी को फायदा कराने के बारे में सोचती है। अमरोहा की जनता मुझे अच्छे से जानती है अभी मैंने किसी एजेंडे के बारे में नहीं सोचा है। लेकिन, अमरोहा की जनता मुझे और शमी दोनों को बहुत अच्छी तरह जानती है। मैं पहले शमी को देखूंगी कि वो कौन-सी पार्टी से लड़ते हैं? कौन-सी पार्टी उन्हें टिकट देती है? उसके बाद मैं डिसाइड करूंगी कि किस पार्टी से मुझे लड़ना है। बेटी मुझसे अपने पिता के बारे में पूछती है मेरी बेटी मुझसे सवाल करती है कि सबके डैडी हैं, मेरे डैडी क्यों नहीं हैं? वो इतनी छोटी है कि मैं उसे कैसे समझाऊं? शमी वुमेनाइजर आदमी है। वो आदमी न किसी का पति बन सकता है, न किसी का बाप बन सकता है। न किसी का बेटा बन सकता है और न किसी का भाई बन सकता है। उसे सिर्फ वेश्याओं से ही मतलब होता है। वो आदमी वेश्याओं का भी नहीं होता। एक से मन भर गया, तो दूसरी के पास चला गया। बेटी जब बड़ी हो जाएगी, तो खुद ही समझ जाएगी। अभी अगर वो पिता के बारे में सवाल करती है, तो मैं डायवर्ट करने की कोशिश करती हूं। बच्ची की मंथली मेंटेनेंस देना बंद किया हसीन जहां ने फोन पर बताया- मैं अभी दिल्ली आई हूं। शमी अहमद ने इस महीने से मेरी बच्ची का भी मेंटेनेंस देना भी बंद कर दिया है। उसी की प्रोसीडिंग में लगी हूं कि मेंटेनेंस फिर से कैसे चालू करवाया जाए? अपनी बच्ची की जिंदगी बर्बाद करने की उसके पास जितनी ट्रिक हैं, वह सब इस्तेमाल कर रहा है। मैं और मेरी बच्ची न्याय के रास्ते में हैं। शमी लालच की वजह से गलत रास्ते पर है। उसकी सजा उसे सिर्फ खुदा ही दे सकता है। उसी का मुझे इंतजार है। कोलकाता में 2012 में हुई थी शमी से पहली मुलाकात हसीन जहां बताती हैं- साल 2012 में पहली बार मैं शमी से कोलकाता में मिली थी। उस टाइम वो IPL खेल रहे थे। मेरी उससे जान-पहचान एक मैच के दौरान हुई थी। हमने एक-दूसरे का नंबर भी ले लिया था। ऐसे ही हम लोगों की बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद उन्होंने मुझे अपने परिवार से मिलवाया। उन लोगों का नेचर भी मुझे पसंद आया। हम लिव-इन में रहने लगे। काफी समय हमारा ऐसे ही बीता। उसके बाद हमने निकाह करने का फैसला लिया। निकाह के बाद मैं अपनी ससुराल में रही, लेकिन ज्यादा समय शमी के साथ ही रहती थी। धीरे-धीरे चीजें मेरे सामने आना शुरू हुईं। मुझे पता चला कि शमी के कई सारे अफेयर शादी से पहले थे। अभी भी उसकी लाइफ में दूसरी लड़कियां हैं। तलाक लेकर दूसरी शादी करना चाहता था हमारी बेटी हुई, लेकिन इसके बाद भी शमी की हरकतें नहीं सुधरी। यह पूरी शादी ही एक साजिश थी। शमी के पास पैसा आने के बाद परिवार के सभी लोग मेरी शादी तुड़वाने में लग गए। शमी तो सोचते थे कि अब मैं फेमस हो गया हूं। अब मैं हसीन को तलाक दे दूंगा और किसी ऐक्ट्रेस या फिर बड़ी हस्ती से शादी कर लूंगा। शमी का भाई चाहता था कि वो उसकी शादी अपनी साली से कर दे। जिससे शमी का सारा पैसा उसका हो जाए। लेकिन, मेरी वजह से वो ऐसा नहीं कर पा रहा था। मुझे रास्ते से हटाने के लिए उनके भाई ने मेरे ऊपर कई सारे हमले करवाए, लेकिन अल्लाह ने मुझे हमेशा बचा लिया। पैसा और पावर होने की वजह से कोई नहीं बोलता मैं अमरोहा इसलिए आती हूं, जिससे अपना हक ले सकूं। ये जो भी हो रहा है, उसमें मेरी बेटी का कोई दोष नहीं। मैं उसको पूरा हक दिलवाऊंगी। शमी के जो रिश्तेदार हैं, वो भी मेरा साथ दे रहे हैं। मैं अमरोहा आती हूं, तो उनके घर पर ही रुकती हूं। बस पैसे वाला और पावर होने की वजह से कोई उससे सामने से नहीं बोलता। मैं तो अमरोहा आती ही इसीलिए हूं कि यहां के लोगों को उनके शमी की सच्चाई बता सकूं। जो सब उसकी बहुत इज्जत करते हैं न, उनके सामने उसकी सच्चाई ला पाऊं। हसीन ने शमी से दूसरी शादी की थी बता दें, हसीन की शमी से ये दूसरी शादी थी। इससे पहले हसीन ने एक सैफुद्दीन नाम के युवक से शादी की थी। जिससे हसीन को 2 बेटियां हैं। लेकिन, कुछ विवादों के कारण हसीन ने अपनी ये शादी तोड़ दी थी। फिर उन्होंने साल- 2016 में शमी से शादी की थी। मोहम्मद शमी पत्नी को डेढ़ लाख रुपए और बेटी के लिए ढाई लाख रुपए महीना देते हैं। अमरोहा से शमी लड़े तो मुकाबला दिलचस्प होगा शमी अमरोहा सदर तहसील के सहसपुर अलीनगर के रहने वाले हैं। जिले की 4 विधानसभा सीटों में अमरोहा सीट सपा के लिए अहम मानी जाती है। यहां सपा के कद्दावर नेता महबूब अली लगातार 5वीं बार विधायक हैं। इस वजह से सीट को सपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। अमरोहा मुस्लिम बहुल सीट है। यहां करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं, जिनमें करीब 2 लाख मुस्लिम मतदाता हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा करीब 70 हजार तुर्क बिरादरी का है। शमी का परिवार भी इसी बिरादरी से आता है। भाजपा और रालोद फिलहाल गठबंधन में हैं। चर्चा है, रालोद अमरोहा और नौगावां सादात सीट पर दावेदारी कर रही है। ऐसे में अगर अमरोहा सीट रालोद के खाते में जाती है और शमी चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो मुकाबला दिलचस्प होगा। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… क्या NDA के लिए मुस्लिम वोट साधेंगे मो. शमी, जयंत से मुलाकात के बाद RLD में एंट्री की चर्चा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर मोहम्मद शमी अब सियासत की पिच पर नई पारी शुरू कर सकते हैं। RLD प्रमुख जयंत चौधरी से हालिया मुलाकात के बाद उनकी राजनीतिक एंट्री को लेकर कयासबाजी तेज हो गई है। अब सवाल है कि सियासत में संभावित एंट्री सिर्फ शमी की लोकप्रियता की वजह से है? या इसके पीछे पश्चिमी यूपी के मुस्लिम मतदाताओं तक पहुंच बनाने की RLD-भाजपा की रणनीति का हिस्सा है? पढ़ें पूरी खबर…
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)