कानपुर में लगातार बारिश से घरों में घुसा पानी:शहर की बस्तियों में हालात खराब; किचन में घुटनों तक भरा नालों का गंदा पानी
कानपुर में लगातार बारिश हो रही है। शहर की कई बस्तियों में बारिश ने हालात खराब कर दिए हैं। जलभराव की स्थिति ऐसी है कि घरों में खाना तक नहीं बन पा रहा है। कमरों में घुटनों तक नाले-नालियों का गंदा पानी भर गया है। किचन से लेकर बाथरूम तक हर जगह जलभराव है। बस्ती के लोगों ने बताया कि कई सालों से ऐसी स्थिति है। थोड़ी सी बारिश होते ही पानी घरों में भर जाता है। लेकिन लगातार बारिश होने पर हालात और भी खराब हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि विधायक हों या पार्षद, सभी से समस्या के बारे में बताया गया, लेकिन हालात नहीं सुधरे। शहर के वार्ड नंबर-1 और आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र के लक्ष्मीपुरवा की झाड़ूवाली गली बस्ती में करीब सौ से ज्यादा ऐसे घर हैं, जहां बारिश का पानी घरों के कमरों और किचन में भर गया है। हालत ऐसी है कि लोग अपने घरों से पानी निकालने के लिए टुल्लू मोटर लगाकर रबर के पाइप से पानी गली में निकाल रहे हैं। कुछ लोग बाल्टी से पानी भरकर कमरों से बाहर निकाल रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम लक्ष्मीपुरवा के इस इलाके में ग्राउंड जीरो पर पहुंची। पढ़िए इस रिपोर्ट में… पढ़िए वार्ड नंबर-1 के इलाके में रहने वाले लोगों का जो कहा… लक्ष्मीपुरवा की झाड़ू वाली गली के हालत यह है कि नाले-नालियों के पानी से हुए जलभराव के कारण अंदर जाना मुश्किल है। लोगों का कहना है कि थोड़ी देर की बारिश से ही यहां जलभराव हो जाता है।
लोग बताते हैं कि यहां पहले बस्ती के पास एक तालाब हुआ करता था, लेकिन उसे भर दिया गया। तब से इस इलाके में सैकड़ों घरों के लोग जलभराव से परेशान हैं। घरों के भीतर गंदा पानी भर जाता है, जिससे लोग पिछले 20 साल से समस्या का सामना कर रहे हैं। इलाके के रहने वाले रिंकू सोनकर ने कहा, "बीते 12 साल से यहां रह रहा हूं। बारिश होते ही हम डर जाते हैं, क्योंकि यहां बरसात होते ही गंदा पानी घरों में भर जाता है। मेरे घर की हालत तो ऐसी है कि किचन में सिलेंडर और गैस के पास तक पानी भर गया है। कमरों में घुटनों तक गंदा पानी भरा है। घर में किचन से लेकर बाथरूम तक पानी भर गया है। न तो घर में खाना बन पा रहा है और न ही कोई काम हो पा रहा है। टुल्लू मोटर लगाकर घंटों से रबर के पाइप के जरिए कमरों से पानी निकालने का काम किया जा रहा है।" टंकी से पीने का पानी लेने आई एक महिला ने बताया कि वह पांच साल से यहां रह रही हैं। बारिश के बाद हर साल इलाके में ऐसी ही स्थिति हो जाती है। इलाके के ही करन ने कहा, "पार्षद से इतना ही कहना है कि इस समस्या को दूर किया जाए। नौ साल से इसी तरह की समस्या हो रही है। किचन से लेकर कमरों तक पानी भर जाता है, लेकिन पार्षद से लेकर विधायक तक शिकायत की गई, फिर भी कोई नहीं सुन रहा है।" सतीश वर्मा ने कहा, "इलाके में साल 2008 में नाव चली थी। कई मेयर बदले, लेकिन यहां किसी तरह से समस्या का हल नहीं हुआ। यहां पीछे नाला है, जिसकी कभी सफाई नहीं होती है। यहां चाहे पार्षद हों या विधायक, विकास नहीं हो सका और न ही समस्या का हल निकला। नाले की सफाई के लिए लोग आते हैं तो बस खानापूर्ति कर ऊपर से सफाई कर देते हैं।" बच्चे वीर ने बताया कि पानी भर जाने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार नीचे रहने के कारण बिस्तर तक भीग जाते हैं। इसलिए ऊपर वाले फ्लोर पर रह रहे हैं। बारिश के समय बहुत दिक्कत होती है। रागिनी सोनकर ने कहा, “हर साल इसी तरह की दिक्कत होती है। 20 साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं होता है। कई सालों से कोशिश की जा रही है। हर जगह गए, लेकिन समाधान नहीं हुआ। बस लोग वोट लेने चले आते हैं।” "कमरों में पानी भरा हुआ है। यहां के विधायक से भी कई बार कहा गया। यहां के पार्षद तो कहते हैं कि आपने वोट नहीं दिया, इसलिए समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। कोई भी कुछ नहीं कर रहा। लोग तो कहकर चले जाते हैं कि गड्ढे में रहते हो तो इसे भी झेलो।"
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