अखिलेश-मायावती के विवादित पुल पर अब शुरू हुआ काम

लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से 650 मीटर लंबे चार लेन वाले सड़क उपरिगामी पुल का निर्माण शुरू हो गया है। यह परियोजना पहले अखिलेश यादव और मायावती के बीच राजनीतिक विवाद से जुड़ी रही थी। अब उत्तर रेलवे अगस्त 2027 तक इसका निर्माण पूरा करने की तैयारी में है।

Sep 02, 2026 - 16:20
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अखिलेश-मायावती के विवादित पुल पर अब शुरू हुआ काम

दि राइजिंग न्यूज | लखनऊ | 2 सितंबर 2026

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग पर नए सड़क उपरिगामी पुल का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। लगभग 650 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चार लेन वाला यह पुल दिलकुशा तिराहे से शुरू होकर विक्रमादित्य मार्ग से होते हुए राज्य अतिथि गृह के पास जाकर समाप्त होगा। लंबे समय से अटकी इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

अखिलेश और मायावती के बीच क्यों हुआ था विवाद

इस पुल से जुड़ा विवाद काफी पुराना है। अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहने के दौरान माल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर एक सड़क उपरिगामी पुल बनाया गया था। यह पुल तत्कालीन बसपा प्रमुख मायावती के आवास और बहुजन समाज पार्टी कार्यालय के सामने से होकर गुजरता था। मायावती ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस पुल के निर्माण पर आपत्ति जताई थी।इसके बाद विक्रमादित्य मार्ग से दिलकुशा की ओर जाने वाले मार्ग पर एक अलग सड़क उपरिगामी पुल बनाने की योजना सामने आई। खास बात यह रही कि प्रस्तावित पुल का मार्ग अखिलेश यादव के तत्कालीन सरकारी आवास के सामने से होकर गुजरना था। यही परियोजना अब करीब डेढ़ दशक बाद निर्माण के चरण में पहुंची है। इस तरह पुराने राजनीतिक विवाद से जुड़ी परियोजना का काम अब योगी सरकार के कार्यकाल में आगे बढ़ रहा है।

मायावती के आवास के सामने पुल की योजना क्यों रद्द हुई थी

माल एवेन्यू रेलवे क्रॉसिंग पर पुल बनाने की योजना वर्ष 2003 से 2007 के बीच तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के समय तैयार की गई थी। वर्ष 2007 में मायावती के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके आवास के सामने से गुजरने वाली इस परियोजना को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद इस मार्ग को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। परियोजना से जुड़े फैसलों के कारण यह मामला लगातार चर्चा में बना रहा।वर्ष 2011 के रेल बजट में रेलवे क्रॉसिंग संख्या 213 पर विक्रमादित्य मार्ग से दिलकुशा तक सड़क उपरिगामी पुल बनाने की योजना को मंजूरी मिली थी। उस समय परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 14.64 करोड़ रुपये रखी गई थी और 10 लाख रुपये की सांकेतिक राशि भी जारी की गई थी। वर्ष 2012-13 के रेल बजट में भी इसके लिए करीब 1.37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। इसके बावजूद परियोजना कई वर्षों तक जमीन पर शुरू नहीं हो सकी।

अखिलेश सरकार में फिर आगे बढ़ी थी परियोजना

वर्ष 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले रद्द की गई पुल परियोजना को दोबारा आगे बढ़ाया गया। वर्ष 2013 में माल एवेन्यू स्थित मायावती के आवास और बसपा कार्यालय के सामने से सेना भर्ती मुख्यालय तक जाने वाले सड़क उपरिगामी पुल का शिलान्यास किया गया। उस समय इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 44 करोड़ रुपये बताई गई थी। हालांकि, पुल को लेकर मायावती की ओर से सुरक्षा संबंधी आपत्ति जारी रही।विरोध के बावजूद उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने अपने हिस्से का करीब 655.94 मीटर लंबा पुल तैयार कर दिया था। इसके बाद रेलवे ने रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनने वाले हिस्से का काम भी सेतु निगम को सौंप दिया। चार नवंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पुल का लोकार्पण किया था। इस तरह लंबे विवाद और राजनीतिक खींचतान के बाद पुल का एक हिस्सा उपयोग में आ गया था।

अब विक्रमादित्य मार्ग पर शुरू हुआ नया निर्माण

अब विक्रमादित्य मार्ग पर उसी वैकल्पिक परियोजना से जुड़े पुल का निर्माण शुरू किया गया है, जिसकी योजना लगभग डेढ़ दशक पहले तैयार की गई थी। अखिलेश यादव अब विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपना पुराना सरकारी आवास खाली कर चुके हैं। इसी स्थान के सामने से प्रस्तावित नए पुल का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना को पूरा करने की जिम्मेदारी उत्तर रेलवे की सड़क सुरक्षा परियोजना शाखा को दी गई है।प्रस्तावित पुल करीब 650 मीटर लंबा और चार लेन वाला होगा। यह दिलकुशा तिराहे से शुरू होकर विक्रमादित्य मार्ग से होते हुए राज्य अतिथि गृह के पास उतरेगा। निर्माण पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को अगस्त 2027 तक पूरा किए जाने की उम्मीद है।

यातायात व्यवस्था में हो सकता है सुधार

नए पुल के बनने के बाद रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों को जाम और बार-बार रुकने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। विक्रमादित्य मार्ग और दिलकुशा की ओर आने-जाने वाले लोगों के लिए भी आवागमन आसान हो सकता है। चार लेन का पुल होने के कारण दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और यातायात व्यवस्था लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


मुख्य बिंदु

  • विक्रमादित्य मार्ग पर सड़क उपरिगामी पुल का निर्माण शुरू।
  • पुल की लंबाई करीब 650 मीटर होगी।
  • पुल चार लेन का बनाया जाएगा।
  • निर्माण पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान।
  • पुल दिलकुशा तिराहे से राज्य अतिथि गृह तक जाएगा।
  • परियोजना को अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
  • यह परियोजना पहले अखिलेश यादव और मायावती के बीच राजनीतिक विवाद से जुड़ी रही है।

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