फर्जी जीएसटी पंजीयन पर फर्म संचालक पर मुकदमा:14.74 करोड़ की सप्लाई और 2.65 करोड़ की ITC पासऑन का आरोप
कानपुर के जीएसटी पंजीयन के लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल और इसके बाद करोड़ों रुपये की कथित फर्जी खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की जांच में मेसर्स शिवांग ट्रेडर्स की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून से जांच की तिथि तक 14 करोड़ 74 लाख 45 हजार रुपये की आउटवर्ड सप्लाई घोषित किए जाने का पता चला। इसी दौरान 2 करोड़ 65 लाख 40 हजार रुपये की कथित बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पासऑन की गई। राज्य कर विभाग की तहरीर पर पनकी थाने में फर्म के स्वामी शिवांग विश्वकर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 25 जून को हुआ था फर्म का जीएसटी पंजीयन राज्य कर विभाग के उपायुक्त (विशेष अनुशासन) क्षेत्र-बी, कानपुर पंकज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मेसर्स शिवांग ट्रेडर्स का जीएसटी पंजीयन 25 जून 2026 को 147/697/ रतनपुर कॉलोनी, पनकी रोड, पनकी, कानपुर स्थित पते पर कराया गया था। फर्म के स्वामी के रूप में शिवांग विश्वकर्मा पुत्र रामजी विश्वकर्मा, निवासी 10/273 खलासी लाइन, कानपुर रोड, कानपुर का नाम दर्ज किया गया। 16 सितंबर को टीम ने की स्थलीय जांच राज्य कर विभाग की टीम ने 16 सितंबर को फर्म के घोषित पते का स्थलीय सत्यापन किया। विभाग के अनुसार जांच में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन हासिल करने और अपात्र आईटीसी अर्जित कर उसे आगे पासऑन किए जाने की जानकारी सामने आई।इसके बाद अधिकारियों ने जीएसटी कॉमन पोर्टल पर फर्म की ओर से घोषित कारोबार और लेनदेन के आंकड़ों का विश्लेषण किया। 14.74 करोड़ की सप्लाई, 2.65 करोड़ की आईटीसी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि जून 2026 से जांच की तिथि तक फर्म ने 14.74 करोड़ रुपये से अधिक की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की थी। विभाग के अनुसार इसी अवधि में 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की बोगस आईटीसी पासऑन की गई। राज्य कर विभाग ने जांच के आधार पर फर्जी लेनदेन और आईटीसी के माध्यम से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाए जाने की बात कही है। मामले में विभागीय दस्तावेज और जीएसटी पोर्टल पर दर्ज आंकड़े जांच का हिस्सा बनाए गए। तहरीर पर मुकदमा, जांच में खुलेगा पूरा खेल एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि राज्य कर अधिकारी पंकज कुमार की तहरीर पर शिवांग विश्वकर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान फर्म के पंजीयन, कारोबार, लेनदेन और आईटीसी पासऑन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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