प्रयागराज में यमुना के उफान का बड़ा अलर्ट:बांधों से 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, नैनी में 2-3 दिन में 1.50 मी. तक बढ़ सकता है जलस्तर
प्रयागराज में यमुना के उफान का बड़ा अलर्ट जारी हुआ है। यमुना की सहायक केन नदी में महज कुछ घंटों में 5.50 मीटर की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर मौदहा, लहचूरा और माताटीला बांधों से 1.22 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। टोंस नदी में भी 24 घंटे में 2.16 मीटर पानी बढ़ा है। इन हालात के बीच प्रयागराज में अगले दो से तीन दिनों में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने का अनुमान है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल अभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं।
सबसे ज्यादा असर नैनी और छतनाग में देखने को मिल सकता है। विभाग के मुताबिक नैनी में यमुना का जलस्तर 1 से 1.50 मीटर, छतनाग में 1 से 1.25 मीटर तक बढ़ सकता है। फाफामऊ में भी 20 से 40 सेंटीमीटर तक पानी बढ़ने की संभावना जताई गई है। केन में 14 घंटे में 5.50 मीटर का उछाल
जानकारों के मुताबिक, यमुना की सहायक केन नदी के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। 26 सितंबर को सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक केन में औसतन 40 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से पानी बढ़ा। कुल बढ़ोतरी 5.50 मीटर रही।
केन में बढ़े पानी का असर बांदा में यमुना पर भी दर्ज हुआ। यहां यमुना का जलस्तर औसतन 6.93 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ा और कुल 97 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।
तीन बांधों से छोड़ा गया 1.22 लाख क्यूसेक पानी
उधर मौदहा बांध से 48,754 क्यूसेक, लहचूरा से 62,400 क्यूसेक और माताटीला बांध से 10,968 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तीनों बांधों से छोड़े गए पानी की मात्रा 1,22,122 क्यूसेक है।
इसका असर हमीरपुर में बेतवा और यमुना के जलस्तर पर पड़ा है। रात 8 बजे तक हमीरपुर में यमुना का पानी औसतन 3.33 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ा और कुल 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। टोंस भी तेजी से चढ़ी, प्रयागराज पर पड़ेगा असर
प्रयागराज के लिए दूसरा बड़ा संकेत टोंस नदी से मिला है। गंगा की सहायक टोंस में कोहरार घाट पर 25 सितंबर शाम 4 बजे से 26 सितंबर शाम 4 बजे तक 2.16 मीटर की बढ़ोतरी हुई। यहां पानी औसतन 9 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ा।
केन, बेतवा और टोंस में बढ़ते पानी को देखते हुए प्रयागराज के गेज स्टेशनों पर भी जलस्तर बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।
नैनी में डेढ़ मीटर तक बढ़ सकता है पानी
आने वाले दो से तीन दिन प्रयागराज के लिए महत्वपूर्ण हैं। विभाग के अनुमान के मुताबिक नैनी में 1 से 1.50 मीटर,
छतनाग में 1 से 1.25 मीटर और फाफामऊ में 0.20 से 0.40 मीटर तक जलस्तर बढ़ने की संभावना है। यानी तीनों प्रमुख गेज स्टेशनों पर पानी बढ़ेगा, लेकिन नैनी और छतनाग में बढ़ोतरी सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है। अभी खतरे के निशान से काफी नीचे
बाढ़ कार्य खंड के अधीक्षण अभियंता रमेश सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति खतरे के निशान के आसपास नहीं है। प्रयागराज में खतरे का निशान 84.734 मीटर है। वर्तमान में फाफामऊ का जलस्तर खतरे के निशान से 5.52 मीटर, नैनी 6.64 मीटर और छतनाग 7.04 मीटर नीचे है। इसलिए अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है, लेकिन बाहर से लगातार आ रहे पानी के कारण अगले 48 से 72 घंटे में जलस्तर की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
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