सपा ने मंत्री कपिलदेव अग्रवाल पर FIR की मांग की:आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रही सरकार, 6 विधानसभा सीटों पर प्रस्तावित मेलों पर रोक की मांग
विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर चुनाव की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश में आदर्श आचार संहिता को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने मुजफ्फरनगर में वृहद रोजगार मेले के उद्घाटन को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल और जिला सेवायोजन अधिकारी पारुल सिंघल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। सपा ने बाराबंकी की छह विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित रोजगार मेलों पर रोक लगाने और सरकार की ओर से प्रकाशित-प्रसारित किए जा रहे विज्ञापनों की जांच कराने की मांग भी उठाई है। भाजपा के लोग कर रहे आचार संहिता का उल्लंघन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मुजफ्फरनगर में 26 सितम्बर 2026 को प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने वृह्द रोजगार मेला-2026 का उद्घाटन कर के आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन किया है। वृह्द रोजगार मेला-2026 में 40 कंपनियों ने भाग लिया, 1330 युवाओं ने पंजीकरण कराया, साक्षात्कार के बाद 823 अभ्यार्थी का चयन किया गया, चयनित में स्नातक, बी.टेक, एम.बी.ए. के युवा शामिल है। इससे स्नातक मतदाता प्रभावित हुए हैं। इसी तरह बाराबंकी में जिला सेवा योजन अधिकारी ने हैदरगढ़, रामनगर, कुर्सी, दरियाबाद, सदर, जैदपुर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रो में 30 सितम्बर, 3, 6, 9 व 17 अक्टूबर और 2 नवम्बर 2026 को वृह्द रोजगार मेला-2026 के आयोजन का विज्ञापन समाचार पत्रों में दिया गया है। श्याम लाल पाल की ओर से कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा 22 सितम्बर 2026 कर दिया है। और उसी समय से प्रदेश के 72 जनपदों (कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव छोडकर) मे तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। प्रदेश में भाजपा की सरकार स्नातक व शिक्षक मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कार्यक्रम लगातार जारी कर रही है। आयोग ने भाजपा सरकार के सामने घुटने टेके सपा ने आरोप लगाया है कि प्रदेश भाजपा सरकार आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उडा रही है। भारत निर्वाचन आयोग की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग मूकदर्शक बना हुआ है। भारत निर्वाचन आयोग ने आँख बन्द करके भाजपा सरकार के सामने घुटने टेक दिये हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रियों के दौरा कार्यक्रमो तथा सभी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जाये और वीडियों ग्राफी के आधार आदर्श आचार संहिता का उलंघन पाये जाने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाये। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता का कडाई के साथ पालन कराया जाये। सपा ने मुजफ्फरनगर में मंत्री कपिल देव अग्रवाल के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज करने और बाराबंकी में रोजगार मेले पर रोक लगाए जाने की मांग मुख्य निर्वाचन अधिकारी से की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह शामिल थे।
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