भैसाली बस अड्डे पर चालक-परिचालकों को सिखाई सांकेतिक भाषा:मेरठ में यात्रियों से बातचीत, उनकी जरूरत और आवश्यक जानकारी देने के समझे संकेत
मेरठ के भैसाली बस अड्डे पर रविवार को दिव्यांग एवं मूक-बधिर यात्रियों की सुविधा के लिए एक दिवसीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेरठ जिले के दो डिपो से चालक और परिचालक शामिल हुए। प्रशिक्षण में चालक और परिचालकों को यात्रा के दौरान दिव्यांग एवं मूक-बधिर यात्रियों से संवाद करने के लिए जरूरी सांकेतिक भाषा के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि बस यात्रा के दौरान मूक-बधिर यात्रियों को अपनी बात समझाने में कई बार परेशानी होती है। ऐसे में चालक और परिचालकों को सामान्य सांकेतिक भाषा की जानकारी होने से यात्रियों की मदद की जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान यात्रियों से बातचीत, उनकी जरूरत समझने और आवश्यक जानकारी देने से जुड़े संकेतों का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण में शामिल रोडवेज कर्मचारियों ने सांकेतिक भाषा को समझने और सीखने में रुचि दिखाई। कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से दिव्यांग यात्रियों के साथ संवाद करने में आसानी होगी। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने भी प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। कार्यक्रम का उद्देश्य रोडवेज की बसों में सफर करने वाले दिव्यांग और मूक-बधिर यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना रहा। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को यात्रियों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
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