गोंडा में 65 घंटे बाद थमी मूसलाधार बारिश:20 लाख लोग बिजली-पानी को तरसे, खेतों में धान-गन्ने की फसलें बर्बाद
गोंडा में करीब 65 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर रविवार सुबह 8 बजे थम गया। बारिश रुकने और हवाओं की रफ्तार कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन लगातार खराब मौसम ने जिले में भारी नुकसान किया है। करीब 65 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लगभग 20 लाख की आबादी प्रभावित है। पेयजल, मोबाइल नेटवर्क और रोजमर्रा के जरूरी काम भी प्रभावित हुए हैं। जिला मुख्यालय और कस्बों में कई जगह जलभराव से आवागमन भी मुश्किल बना हुआ है। 20 लाख लोगों पर बिजली संकट लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है। बिजली न होने से कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। मोबाइल नेटवर्क और दूसरी जरूरी सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। कई स्थानों पर सड़कों और मोहल्लों में पानी भरा हुआ है। खेतों में गिर गई धान और गन्ने की फसल बारिश और तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। जिले में हजारों बीघा धान और गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। कई खेतों में पानी भरने से फसलें जलमग्न हो गई हैं। नुकसान के कारण किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। फसल नुकसान का आकलन अब प्रशासन की प्राथमिकता में है।
चारों तहसीलों में सर्वे के आदेश हालात को देखते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने राहत और बचाव कार्यों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को चारों तहसीलों में मौके पर जाकर फसल नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य तय समय में नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। बिजली और जल निकासी के लिए टीमें मैदान में बिजली विभाग के अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को फॉल्ट जल्द ठीक कर आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पालिका की टीमों को पंपिंग सेट और जरूरी उपकरण लगाकर जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने को कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम सामान्य रहने और तेज बारिश के आसार कम हैं। इसके बावजूद प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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