कानपुर सांसद बोले- मंगल भवन की शिकायत आई है:जांच के लिए प्रशासन को फॉरवर्ड किया था, रिपोर्ट सबके सामने है
कानपुर के मंगल भवन की समिति भंग होने पर सांसद रमेश अवस्थी ने कहा- मेरे पास लोगों की शिकायत आई थी। मैने शिकायत को प्रशासन को फॉर्रवर्ड किया था। प्रशासन ने जांच की और अब उसी रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों ने फैसला किया। मेरा तो मंगल भवन और नगर निगम से कोई लेना देना नहीं है। वीरेंद्र स्वरूप पार्क में बनाए गए मंगल भवन की निर्माण और संचालन समितियों को नगर आयुक्त की ओर से भंग किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। महापौर प्रमिला पांडेय ने 21 सितंबर को नगर आयुक्त की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि मंगल भवन गरीबों के लिए बनवाया गया है। यहां गरीब परिवारों की बेटियों की शादियां होती हैं और अब तक 100 से ज्यादा बच्चियों की शादी हो चुकी है। महापौर ने कहा कि समितियों को भंग किए जाने के मामले में वह शासन को पत्र लिखेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक अधिकारी ने मंगल भवन के संचालन की अनुमति दी थी, तो दूसरा अधिकारी समिति को कैसे भंग कर सकता है। सांसद ने फरवरी में जांच के लिए लिखा था पत्र
मामले की शुरुआत सांसद रमेश अवस्थी की ओर से की गई शिकायत के बाद हुई। सांसद ने फरवरी 2026 में प्रशासन को पत्र लिखकर मंगल भवन के संचालन में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि लोगों की ओर से मंगल भवन को लेकर शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद उन्होंने जांच के लिए पत्र लिखा। जांच के बाद 20 सितंबर को नगर निगम की ओर से कार्रवाई की गई। मंगल भवन का निर्माण करने वाली समिति और संचालन समिति को भंग कर दिया गया। इसके बाद मंगल भवन की निगरानी नगर निगम के संपत्ति विभाग को सौंप दी गई। महापौर बोलीं- गरीबों के लिए बना है मंगल भवन
21 सितंबर को महापौर प्रमिला पांडेय ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मंगल भवन का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना है। उन्होंने कहा- मंगल भवन गरीबों के लिए बनवाया गया है। यहां गरीब बच्चियों की शादियां होती हैं। अब तक 100 से ज्यादा बच्चियों की शादी हो चुकी है। अगर इस पर कार्रवाई हुई है तो मैं शासन को लिखूंगी कि आखिर समिति क्यों भंग की गई। महापौर ने यह भी कहा कि एक अधिकारी संचालन की अनुमति दे और दूसरा अधिकारी उसी व्यवस्था को खत्म कर दे, यह कैसे संभव है। सांसद बोले- नगर निगम से मेरा कोई लेना-देना नहीं
वहीं सांसद रमेश अवस्थी ने कहा- मंगल भवन या नगर निगम के संचालन से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता की ओर से शिकायत मिलने पर उन्होंने केवल जांच के लिए प्रशासन को पत्र लिखा था। सांसद ने कहा- जनता ने मुझे सेवा के लिए चुना है। जनता की समस्या का समाधान कराना भी हमारा काम है। लोगों ने मंगल भवन को लेकर शिकायत की थी, इसलिए मैंने जांच के लिए लिखा था। जांच के बाद जो निर्णय आया है, वह सबके सामने है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जांच की और उसके बाद निर्णय लिया। अब आगे की कार्रवाई अधिकारियों को तय करना है। ‘मंगल भवन गरीबों और वंचितों के लिए ही रहेगा’
रमेश अवस्थी ने कहा कि मंगल भवन में क्या हो रहा है और नगर निगम में क्या हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों की है। उन्होंने कहा- मेरा काम था कि किसी ने शिकायत की तो उसे आगे बढ़ा दूं। मैंने वही किया। प्रशासन ने जांच की और निर्णय लिया। अब अधिकारी ही इस बारे में जानें। मंगल भवन गरीबों और वंचितों के लिए बनाया गया है और आगे भी ऐसा ही रहेगा। उसमें किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
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