नरायणी नदी का जलस्तर बढ़ा, कुशीनगर के गांवों में बाढ़:1400 परिवार प्रभावित, 600 तटबंध पर शिफ्ट; डीएम ने किया निरीक्षण
नेपाल में लगातार बारिश और गंडक (नरायणी) नदी से पानी छोड़े जाने के कारण कुशीनगर के निचले इलाकों में बाढ़ आ गई है। रविवार शाम 5 बजे नदी का जलस्तर 4.79 क्यूसेक दर्ज किया गया। हरिहरपुर, मरचहवा, शिवपुर, महदेवा और सालिकपुर समेत कई गांव प्रभावित हैं। इनमें से ज्यादा प्रभावित दो गाँवों के लोगों को बंधों पर राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है । वहीं शाम 5 बजे जारी बुलेटिन में नेपाल से साढ़े छः लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना से ग्रामीणों के साथ प्रशासन की बेचैनी बढ़ा दी है । जिलाधिकारी संजय चौहान ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जलभराव और तटबंधों की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निगरानी रखने और किसी भी नुकसान पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा। बता दें कि रविवार सुबह नेपाल से करीब 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। उन्होंने दौरे से लौटने के बाद बताया कि दो गांवों के करीब 1400 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं, जिनके आने जाने के रास्ते पानी में डूब गए हैं। लगभग 600 परिवारों को तटबंध पर सुरक्षित जगह भेजा गया है। उनके लिए खाने, रहने का इंतजाम और हेल्थ कैंप भी लगा है। प्रशासन करे भोजन का इंतजाम वहीं दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रभावित बाढ़ क्षेत्र की सुखिया देवी और मंजू देवी ने बताया कि खाना बनाने में सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। प्रशासन को भोजन का तत्काल इंतजाम करना चाहिए । डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जाए। किसी भी स्थान पर कटान या रिसाव की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की है। जलस्तर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
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