फिरोजाबाद में पर्यटन को मिली नई रफ्तार:346 करोड़ से मंदिरों, जैन तीर्थों और ईको जोन का विकास
फिरोजाबाद की पहचान अब सिर्फ कांच उद्योग तक सीमित नहीं रह गई है। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ जिले को ईको टूरिज्म और ग्रामीण पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। प्रदेश सरकार की पर्यटन विकास योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2026-27 तक जिले में 346.42 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम कराया गया है। मंदिरों, जैन तीर्थों, आश्रमों और ऐतिहासिक स्थलों के साथ पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। वर्ष 2020-21 में 2.82 करोड़ रुपए से यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पाढ़म के पौराणिक स्थल, माता सियर देवी मंदिर, खप्पर वाले बाबा सेवा आश्रम, रूपाढी देवी और मदुआ माता मंदिर के विकास कार्य कराए गए। इसके बाद धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने का काम लगातार आगे बढ़ा। रपड़ी में ईको टूरिज्म, चंद्रवाड़ जैन तीर्थ पर काम वर्ष 2022-23 में 16.13 करोड़ रुपए से रपड़ी वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म और चंद्रवाड़ जैन तीर्थ समेत वनखंडी मंदिर, खप्पर बाबा आश्रम और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास कराया गया। वर्ष 2023-24 में 166.16 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इनमें चिंतामणि नंदेश्वर मंदिर, बालाजी मंदिर, मां सियर देवी मंदिर, गोपाल आश्रम और नीम करौली बाबा की जन्मस्थली नागऊ शामिल हैं। ग्लास म्यूजियम और पर्यटन सूचना केंद्र भी विकसित होंगे रूरिया में यमुना किनारे ईको टूरिज्म, ग्लास म्यूजियम, पर्यटन सूचना केंद्र और सांस्कृतिक संकुल जैसी परियोजनाएं भी शुरू की गईं। वर्ष 2024-25 में 34.74 करोड़ और 2025-26 में 74.88 करोड़ रुपए से पर्यटन अवस्थापना का विस्तार किया गया। रपड़ी ईको टूरिज्म क्षेत्र में रोशनी, पेयजल, सुलभ प्रसाधन, यात्री बेंच, क्यूआर कोड आधारित साइनेज और लैंडस्केपिंग की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 2026-27 में 51.70 करोड़ की नई परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 51.70 करोड़ रुपए की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। टूंडला, फरिहा, चंद्रवाड़ और शिकोहाबाद के धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, यात्री सुविधाएं और लैंडस्केपिंग का काम कराया जा रहा है। आर्य संस्कृति संकुल और नीम करौली बाबा आधारित म्यूजियम के दूसरे चरण का काम भी प्रस्तावित है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, आस्था, संस्कृति और स्थानीय विरासत को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर फिरोजाबाद को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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