उन्नाव में 200 साल पुराने चंदनगंज बाजार का गेट गिरा:भारी बारिश में भरभराकर गिरा, प्रशासन ने दुकानें बंद करा बैरिकेडिंग की
उन्नाव के मौरावां में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच सोमवार को चंदनगंज बाजार का मुख्य प्रवेश द्वार अचानक भरभराकर गिर गया। करीब 200 साल पुराने इस ऐतिहासिक गेट का बड़ा हिस्सा गिरने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि हादसे के वक्त वहां ज्यादा भीड़ नहीं थी, इसलिए कोई राहगीर या दुकानदार मलबे की चपेट में नहीं आया। गेट गिरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। बचे हुए ढांचे से खतरे को देखते हुए गेट के दोनों तरफ करीब पांच-पांच मीटर के दायरे में बैरिकेडिंग कराई गई। एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानें भी बंद करा दी गईं। 200 साल पुराना बताया जाता है बाजार स्थानीय लोगों के मुताबिक चंदनगंज बाजार की स्थापना 19वीं सदी में खत्री सेठ चंदन लाल ने कराई थी। बाजार का प्रवेश द्वार लंबे समय से मौरावां की ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा रहा है। बताया जाता है कि चंदन लाल सेठ के वंशज कुंवर विवेक सेठ वर्तमान में मौरावां नगर पंचायत के चेयरमैन हैं। हालांकि बाजार और प्रवेश द्वार के निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी सरकारी अभिलेखों में दर्ज होने की बात स्पष्ट नहीं है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के बीच इस बाजार और गेट की ऐतिहासिक पहचान बनी हुई है। गेट का हिस्सा गिरने से लोग पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हैं। प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर दुकानें बंद कराईं हादसे की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार कृष्ण नंद बाजपेई, भारत सिंह, लेखपाल प्रशांत पांडेय और नगर पंचायत लिपिक मधुकर द्विवेदी मौके पर पहुंचे। टीम ने गिरे हुए हिस्से और बचे ढांचे की स्थिति देखी। किसी अन्य हिस्से के गिरने की आशंका को देखते हुए दोनों तरफ करीब पांच-पांच मीटर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कराई गई। आसपास की दुकानों को भी तत्काल बंद करा दिया गया, ताकि मलबा गिरने की स्थिति में किसी तरह की जनहानि न हो। गंगा घाट से बाढ़ प्रभावित इलाकों तक निरीक्षण उधर सदर एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा ने ईओ गंगाघाट के साथ मिश्रा कॉलोनी घाट पहुंचकर गंगा तट का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम चंपापुरवा के गोताखोर मोहल्ले के बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंची। अधिकारियों ने ऋषि रेलवे लाइन के आसपास तालाब में हो रहे जलभराव की स्थिति भी देखी। एसडीएम ने आसपास रहने वाले लोगों और स्थानीय सभासद से जलभराव को लेकर जानकारी ली। इसके बाद टीम रश्मिलोक भी पहुंची और वहां की स्थिति का जायजा लिया। बारिश के कारण प्रभावित इलाकों में जलभराव और मकानों की स्थिति पर अधिकारियों ने जानकारी जुटाई। जर्जर मकानों को नोटिस देने के निर्देश निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने जर्जर मकानों की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे भवनों को चिह्नित कर नोटिस देने के निर्देश दिए। बारिश के दौरान कमजोर और पुराने मकानों से हादसे की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई करने को कहा गया है। चंदनगंज बाजार का गेट गिरने की घटना के बाद पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जलभराव और जर्जर मकानों से जुड़ी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)