वाल्मीकि बैराज से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया:महराजगंज के 3 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, 5 हजार लोग प्रभावित

Sep 28, 2026 - 11:09
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वाल्मीकि बैराज से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया:महराजगंज के 3 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, 5 हजार लोग प्रभावित
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद महराजगंज में गंडक यानी नारायणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। वाल्मीकि बैराज से करीब 5.01 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जिले के संवेदनशील इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई। नदी का पानी कई गांवों में पहुंचने से करीब 5 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। राहत शिविरों में कम्युनिटी किचन के जरिए भोजन-पानी की व्यवस्था की गई है। प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा और निचलौल तहसील क्षेत्र के टेलफॉल के पास गेड़हवा गांव में देखा गया। यहां कई घरों में पानी घुस गया। इसके बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू किया। प्रशासनिक टीमें मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। एसडीआरएफ की मदद से लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। देवघाट से 6.24 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि नेपाल के देवघाट में करीब 6.24 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। हालांकि, पिछले तीमन घंटे से वहां पानी का बहाव लगातार कम हो रहा है। वहीं वाल्मीकि बैराज से करीब 5.01 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एडीएम के मुताबिक बैराज से पानी का डिस्चार्ज पिछले करीब एक घंटे से स्थिर बना हुआ है। प्रशासन दोनों स्थानों के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। बारिश थमी तो कुछ घंटे में घट सकता है जलस्तर एडीएम के अनुसार नारायणी नदी के बेसिन क्षेत्र में फिलहाल बारिश नहीं हो रही है। ऐसे में आने वाले कुछ घंटों में नदी का जलस्तर कम होने की उम्मीद है। हालांकि प्रशासन नेपाल से आने वाली नदियों और वाल्मीकि बैराज के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं और जलस्तर में किसी भी बदलाव की जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। राहत शिविरों में खाना-पानी और इलाज की व्यवस्था प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में कम्युनिटी किचन शुरू कराया है। यहां प्रभावित परिवारों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें भी शिविरों और प्रभावित इलाकों में लोगों की जांच कर रही हैं। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव कार्य में लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

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