राम गोविंद चौधरी के अंतिम दर्शन को उमड़ी भीड़:सांसद-विधायक श्रद्धांजलि देने पहुंचे, सपा के पूर्व मंत्री को बेटे रंजीत देंगे मुखाग्नि
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का शुक्रवार रात लखनऊ पीजीआई में निधन हो गया। उनका शव शनिवार शाम बलिया पहुंचा, जहां हजारों लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए इंतजार कर रहे थे। खराब मौसम के बावजूद सड़कों पर लोग डटे रहे। बलिया समाजवादी पार्टी कार्यालय से सुखपुरा, बेरूआरबारी, बांसडीह और मनियर होते हुए शव को शनिवार देर रात उनके पैतृक गांव गोसाईपुर लाया गया। रविवार दोपहर 12:15 बजे उनके पैतृक आवास से अंतिम यात्रा निकली। करीब एक किलोमीटर दूर सरयू नदी किनारे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुखाग्नि उनके बेटे रंजीत चौधरी देंगे। पूर्व नेता प्रतिपक्ष की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर, विधायक जय प्रकाश अंचल, मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी, पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी और बलिया सांसद प्रतिनिधि रामेश्वर पाण्डेय सहित कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
बता दें कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव तथा पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का शुक्रवार की रात लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे। पिछले करीब दो वर्षों से वह हृदय रोग से गंभीर रूप से जूझ रहे थे। आठ बार विधायक तथा तीन बार मंत्री रहे रामगोविन्द चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की देर शाम बलिया पहुंचा। वहां से उनके पार्थिव शरीर को सपा के जिला कार्यालय, हनुमानगंज, सुखपुरा, बेरुआरबारी, बांसडीह और मनियर होते हुए सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत उनके पैतृक गांव गोसाईपुर ले जाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया। रामगोविन्द चौधरी के निधन की खबर मिलते ही बलिया समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संवेदना व्यक्त की। रामगोविन्द चौधरी का जन्म सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गोसाईपुर गांव में 9 जुलाई 1946 को हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह बलिया शहर के टीडी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे थे। वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार चिलकहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वह चिलकहर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रहे। इसके बाद वर्ष 2002, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बांसडीह विधानसभा सीट से जीत हासिल की। रामगोविन्द चौधरी तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री तथा एक बार नेता प्रतिपक्ष रहे। वर्ष 1990 में वह उद्यान प्रसंस्करण मंत्री रहे। दूसरी बार वर्ष 2003 में मुलायम सिंह यादव के मंत्रिमंडल में बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बने। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में रामगोविन्द चौधरी ने वर्ष 2012 से 2017 तक बेसिक शिक्षा एवं बाल विकास पुष्टाहार मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2017 से 2022 तक रामगोविन्द चौधरी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
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